सौजन्य : जागरण
मजलिस खुदाम उल्ल अहमदिया द्वारा प्लेटिनम जुबली बड़ी धूमधाम से मनाई गई। चार फरवरी 1938 को उस समय के मुस्लिम जमाते अहमदिया के दूसरे रुहानी खलीफा हजरत मिर्जा बशीर उद्दीन अहमूद अहमद ने मजलिस खुदाम उल्ल अहमदिया नामक संस्था अस्तित्व में आई थी। इस मजलिस को 75 साल पूरे होने की खुशी में दुनिया भर के अहमदी मुसलमान नौजवानों ने प्लेटिनम जुबली समारोह का आयोजन किया। बारिश के दौरान समारोह का आयोजन अहमदिया ग्राउंड की बजाय मस्जिद दारुल अनवार में किया गया। समारोह की प्रधानगी सदर अंजुमन अहमदिया भारत के मुख सचिव मुहम्मद इनाम गोरी ने की। पवित्र कुर्आन पाक की तलावत व नेकी पर चलने के वादे से समारोह शुरू हुआ।
सदर अंजुमन अहमदिया के मुख्य सचिव मुहम्मद इनाम गोरी ने कहा कि आज का युग प्रोफैशनल शिक्षा हासिल करने का युग है। आज सिर्फ बीए करने से कुछ हासिल नहीं होता। इसलिए नौजवानों को प्रोफैशनल शिक्षा की तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नौजवान इस आस में अपना समय बर्बाद करते हैं कि हम विदेश जाएंगे। इस नजरिए पर चलते हुए वह अपनी पढ़ाई लिखाई तक भूल जाते हैं तथा न ही कोई काम करते हैं। उन्होंने बताया कि मजलिस खुदाम उल्ल अहमदिया की स्थापना मुस्लिम जमाते अहमदिया के दूसरे खलीफा हजरत मिर्जा महमूद अहमद ने इसलिए की थी कि नौजवान अपना समय बर्बाद न करें तथा एक सुलझे हुए व शिक्षित नौजवान बनें। इस मौके पर मुख्य मेहमान द्वारा विशेष डायरी रिलिज की तथा उन्होंने खुदामों को खेल एकादमिक प्रोग्रामों में उच्च स्थान हासिल करने वालों को सम्मानित किया। इस दौरान विशेष दावत का आयोजन भी किया गया।