सौजन्य : दैनिक ट्रिब्यून
गुरदासपुर, 31 दिसंबर (निस)। अहमदिया मुस्लिम जमात भारत के 121वें वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन सर्व धर्म सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस जलसा की अध्यक्षता मुनीर अहमद हाफिजाबादी ने की। कार्यक्रम का आरम्भ पवित्र कुरआन मजीद की तिलावत से हुआ। पहली तकरीर मौलाना ज्ञानी तनवीर अहमद खादिम साहब ने इस्लामी दृष्टि में मानवीय जीवन का उद्देश्य के बारे में बताया कि इस्लाम सभी इंसानों से प्रेम की शिक्षा देता है और प्रत्येक धर्म के ऋषि, मुनि अवतारों के सम्मान की शिक्षा देता हैं। इस सर्व धर्म सम्मेलन में सारे भारत से विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख पधारे थे।
इस अवसर पर डा राजकुमार ने प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह तथा सोनिया गांधी को शुभकानाएं दीं। पूर्व मन्त्री सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि मुख्यमन्त्री पंजाब प्रकाश सिंह बादल ने सलाना जलसा को मुबारकबाद पेश की तथा कहा कि पांचवें खलीफा हजरत मिर्जा मसरूर अहमद पंजाब में आयें ताकि उन्हें सुनने का अवसर मिल सके।
मास्टर मोहन लाल ने कहा कि हैरानीजनक बात है कि मुस्लिम पंडाल में श्री राम चन्द्र जी, श्री कृष्ण जी तथा श्री गुरु नानक देव महाराज के नारे लगाये जा रहे हैं। अचार्य राम चन्द्र अयोध्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज आपसी प्रेम सद्भावना की सबसे अधिक जरूरत है। इस अवसर पर बाहर से आये सभी विशेष अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस सम्मेलन में यूरोप, अफ्रीका जैसे देशों से भी प्रतिनिधि पहुंचे थे।
सर्व धर्म सम्मेलन में ज्ञानी जोगिन्द्र सिंह जी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी अमृतसर, डाक्टर राजकुमार यूनियन मिनिस्टर पंजाब,सेवा सिंह सेखवां पूर्व मन्त्री, फादर सुमन्त राय, बिशप नार्थ इण्डिया गुरदासपुर, डाक्टर साहब प्रार्ची एम एल ए उत्तराखण्ड, मास्टर मोहनलाल भूतपूर्व ट्रांसपोर्ट मन्त्री, ओ पी उपाध्याय वाईस चांसलर होशियारपुर यूनिवर्सिटी, डाक्टर सुखप्रीत सिंह सिख चेतना मंच, संत बाबा हरपाल सिंह हेड आफ नामधारी संस्था लुधियाना,ज्ञानी जोगिन्द्र सिंह दमदमी टकसाल, आचार्य चन्द्र राम, दीपक कुमार चेयरमैन ब्लाक कांग्रेस कमेटी हिमाचल प्रदेश, बाबा सुखदेव सिंह बेदी, अनुराग सूद चेयरमैन सदभावना कमेटी होशियारपुर आदि उपस्थित हुये।
Translation for English readers
Title:Interfaith ceremony on the second day of Ahmadiyya Convention
Synopsis: Day stated with Recitation of Quran and Speech. Towards the later part, greetings from Political leaders were read out and delegates of other faiths expressed their views.